डूंगला। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित रात्रि चौपालों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार रात्रि को डूंगला पंचायत समिति की पालोद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया।

चौपाल में जिला कलक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन की जवाबदेही एवं तत्परता का परिचय दिया।
चौपाल के दौरान आयोजित जनसुनवाई में 50 से अधिक प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, विद्यालयों में पुस्तकालय (लाइब्रेरी) सुविधा का अभाव, चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित समस्याएं तथा विभिन्न राजस्व प्रकरण शामिल रहे। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके।

उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को विशेष रूप से निर्देश दिये कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन मामलों में मौके पर समाधान संभव है, उन्हें तत्काल निपटाया जाए।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, बढ़ाया उत्साह
रात्रि चौपाल से पूर्व जिला कलक्टर ने क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कक्षा 5वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर परिश्रम एवं अनुशासन के महत्व पर बल दिया।

विद्यार्थियों से संवाद कर दिए सफलता के सूत्र
रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए और सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण मंत्र बताए। एक छात्रा द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के एक साधारण सरकारी विद्यालय से प्राप्त की तथा हिंदी माध्यम में अध्ययन करते हुए कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कक्षा 10वीं के बाद के पांच वर्ष जीवन की दिशा और दशा तय करने वाले होते हैं। यदि इस अवधि में विद्यार्थी पूरी लगन, एकाग्रता एवं अनुशासन के साथ अध्ययन करें, तो वे अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन एवं टेलीविजन के अत्यधिक उपयोग से दूरी बनाकर अपने कीमती समय का सदुपयोग पढ़ाई एवं आत्मविकास में करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ही उनके सपनों को साकार करने का सर्वोत्तम अवसर है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
अधिकारियों को दिए निर्देश
जिला कलक्टर ने चौपाल में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील रहें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका प्रभावी लाभ पहुंचाना है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, उपखंड अधिकारी ईश्वर लाल खटीक, तहसीलदार गुणवंत माली, विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत, सरपंच गायत्री सुरेश डांगी सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।









