“तपस्वी रत्न” धनराज शर्मा की कठोर तपस्या रविवार से हजारों भक्तों की साक्षी में पर्णकुटीर प्रवेश होगा

भीलवाड़ा। कलयुग में भी कठिन तपस्या विज्ञान के लिए चुनौती हे, इस वर्ष भी तपस्वी रत्न, पुजारी धनराज जी शर्मा कठोर तपस्या करने 13 सितम्बर, रविवार को पर्णकुटीर में दोपहर 2.15 बजे प्रवेश करेंगे और 29 दिन बिना नींद, बिना जल, बिना अन्न, एक पांव पर खड़े रहकर तपस्या करेंगे।


मेवाड़ के प्राचीन कस्बा हमीरगढ़ के पास स्थित सादी ग्राम में श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज और श्री नाकोड़ा भैरव धाम पर छठी बार तपस्वी रत्न धनराज शर्मा कठोर साधना करेंगे आपकी इस वर्ष की 39 दिवसीय साधना में 10 दिन केवल गंगा जल, गौमूत्र के एक चम्मच सेवन के द्वारा 3 सितंबर से शुरू हुई जो 13 सितम्बर रविवार को पर्णकुटीर में दोपहर 2.15 बजे प्रवेश के साथ भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने के लिए साधना शुरू करेंगे। 13 सितम्बर रविवार को प्रातः 9 बजे महाआरती, के साथ ही दिनभर की साधना की तैयारी शुरू हो जाएगी, महाआरती के बाद कन्या भोजन होगा, भजन गंगा कार्यक्रम में दोपहर 11 बजे से भजन गायक दिनेश पहुना गुरु भक्ति में भजनों की प्रस्तुति देंगे! दोपहर 1बजे से दसविधि स्नान अलख वेद गुरुकुल, पुठवाडिया (राशमी ) के आचार्यश्री गौ हितेश स्वामी जी महाराज और विद्वान पंडित रविशंकर आचार्य (माण्डल ) के द्वारा होगा।
हजारों भक्तों की साक्षी में सभी देव स्थानों के देव दर्शन करके, भक्तों को आशीर्वाद देकर श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज ओर श्री नाकोड़ा भैरव नाथ मंदिर में में स्थित तपोभूमि “पर्णकुटीर” में कठोर तपस्या के लिए प्रवेश करेंगे। जहा वह एक पांव पर खड़े रहकर, माला जप करेंगे, हर एक माला पूर्ण होते ही खोपरे का गोला, घी, शक्कर, की हवन कुंड में आहुति देंगे, यह माला जप 11 अक्टूम्बर, अश्विनी शुक्ल पक्ष प्रथम तिथि, पहली नवरात्रि को कठोर साधना पूर्ण करके “पर्णकुटीया” से बाहर आयेंगे।
11 अक्टूम्बर 2020 को श्री नाकोड़ा भैरव की प्राणप्रतिष्ठा मंदिर प्रांगण में हुई उसके बाद हर वर्ष श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज और श्री नाकोड़ा भैरव नाथ के आदेश से “तपस्वी रत्न” पुजारी धनराज जी शर्मा कठोर साधना कर रहे हे।

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