डूंगला (विमल नलवाया)। दिवाकर नगरी की भूमि पर इस वर्ष जैन समाज के चातुर्मास के लिए जैन साध्वियों का मंगल प्रवेश रविवार को हुआ।
कस्बे में इस वर्ष दृढ़ संयमी, स्पष्ट वक्ता, संथारा विशेषज्ञ छोटे जैन दिवाकर धर्म मुनि महाराज की शिष्या धर्म शेरनी महासती धैर्य प्रभा, धृती प्रभा, धीर प्रभा, धार्मिक प्रभा, धार्वी प्रभा, धृशा प्रभा आदि ठाणा 6 का चतुर्मासिक मंगल प्रवेश हुआ। मंगल प्रवेश का जुलूस प्रेम नगर स्थित अरिहंत भवन से रवाना होकर बस स्टैंड, सदर बाजार होते हुए दिवाकर प्रवचन हॉल पंहूचा।

जुलूस के दौरान श्रावक जयकारे लगा रहे थे तथा महिलाएं मंगल गीत गा रही थी वहीं बड़ी संख्या में महिलाएं एक जैसे परिधान पहन कर सिर पर कलश धारण कर चल रही थी। प्रारंभ में प्रत्येक रविवार की सामायिक सुबह 6:45 से 7:45 तक अरिहंत भवन में हुई।

जैन स्थानक में जयपुर, नीमच, मंदसौर, कोटा और अन्य जैन संघों ने अगले चातुर्मास के लिए विनती की तथा बहु मंडल, बालिका मंडल ने प्रस्तुतियां दी।
प्रवेश में नीमच, मंदसौर, बड़ीसादड़ी, जावरा, निंबाहेड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, इंदौर, जयपुर, हरियाणा, ब्यावर, आदि कई संघों से श्रावकगण पंहुचे। डूंगला के कोटा निवासी शांतिलाल, सुनील कुमार, अनिल कुमार रौनक कुमार दक की तरफ से प्रेम बाईजी की पुण्य स्मृति में एक लाख 21 हजार सप्रेम भेंट किए गये।

प्रवेश कार्यक्रम में दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए आई एम सेठिया, संगठन महामंत्री सिद्धाराज सिंघवी श्रीसंघ डूंगला के अध्यक्ष शांतिलाल मेहता, मंत्री कनकमल दक, चातुर्मास समितिअध्यक्ष सुरेश पितलिया, मंत्री रमेश मेहता, नवयुवक मंडल अध्यक्ष नमन दक, मंत्री धीरज मेहता,और कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अब 26 जुलाई से प्रातः 9 बजे से नियमित रूप से व्याख्यान होंगे।









