अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) चित्तौड़गढ़ के नवीन जिला कार्यालय का हुआ लोकार्पण

चित्तौड़गढ़। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) चित्तौड़गढ़ के नवीन जिला कार्यालय भवन मां भारती शिक्षक सदन चित्तौड़गढ़ का लोकार्पण परम पूजनीय गुरुजी श्री अनंतरामजी महाराज के कर कमलों द्वारा मौली बंधन खोल कर सम्पन्न हुआ।


संगठन के जिला मंत्री कैलाश चंद्र मालू ने बताया कि जिला कार्यालय का लोकार्पण समारोह संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा की अध्यक्षता आयोजित हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निंबाराम क्षेत्रीय प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मुख्य वक्ता महेंद्र कपूर अखिल भारतीय संगठन मंत्री एबीआरएसएम, विशिष्ट अतिथि शंकर लाल माली प्रांत कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत, महेंद्र कुमार लखारा प्रदेश महामंत्री एबीआरएसएम राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) और चंद्रभान सिंह आक्या विधायक चित्तौड़गढ़ रहे। नवीन भवन लोकार्पण कार्यक्रम का प्रारंभ बुधवार को रात्रि में संगीतमय सुंदरकांड पाठ से हुआ। इसके पश्चात् गुरुवार को वैदिक विधि से मंत्रोच्चार के साथ मंगल गृह प्रवेश के बाद लोकार्पण समारोह कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
जिला अध्यक्ष पूरण मल लौहार के अनुसार मुख्य वक्ता और संगठन के अखिल भारतीय संगठन मंत्री कपूर ने कहा कि सर्वविदित है कि प्रलय और निर्माण शिक्षक की गोद में पलते हैं। समाज का दिशा दर्शन करना शिक्षक का कार्य है।आवश्यकता होने पर समाज को संगठित कर आचार्य चाणक्य ने शस्त्र की शिक्षा देकर राष्ट्र रक्षा की। शिक्षक समाज का केंद्र बिंदु है।आज समूचे विश्व में सनातन की चर्चा हो रही है। हमारे पूर्वजों ने जो खड़ा किया उसका नुकसान न हो। शिक्षक हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर ले जाने वाला है। शिक्षक सर्वाधिक सम्मानित है।यहां शिक्षक आदर्श भारत का प्रतीक है। हर विद्यार्थी को लगे हमें सरकारी विद्यालय में जाना है, हम इसका केंद्र बने। हम योग्यतम् शिक्षक बने। हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ कैसे बने इसके लिए संगठन के कार्यकर्ता निरंतर प्रयत्नशील है।विद्यार्थी हमारा भगवान है ओर उसे जो बनाने के लिए भगवान ने भेजा है वो कार्य हमें करना है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निंबाराम ने कहा कि विचारधारा और कार्यपद्धति हमारी पहचान है। समाज को बड़ा करने की भूमिका शिक्षक की होनी चाहिए। हमारा मूल काम व्यक्ति निर्माण का है।हम सबको भारत माता की आराधना के लिए जीवन लक्ष्य बनाना है। स्वामी विवेकानंद जी जहां से छोड़कर गए डॉ हेडगेवार ने वही से कार्य शुरू किया,यही संघ का मूल कार्य है। शासकीय विद्यालयों में गुरुकुल का भाव जगे ये शिक्षक की जिम्मेदारी है।संघ कार्य में हमारा कोई विरोधी नहीं है ,हम सबको साथ लेकर चल सकते हैं। देश एक विचार को लेकर स्थायित्व की ओर बढ़ रहा है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम के अध्यक्ष पुष्करणा ने अपने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए चित्तौड़गढ़ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों से परिचित कराया। संगठन भवन का उपयोग आने वाले समय में सामाजिक सरोकार और शैक्षिक उन्नयन,शोध आदि कार्यों में करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि इससे संगठन के राष्ट्रहित,समाजहित में योगदान के ध्येय की पुष्टि होगी
विशिष्ट अतिथि चित्तौड़गढ़ विधायक आक्या ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्र हित में कार्य करने वाला संगठन है।आज राष्ट्र विरोधी कई तत्वों के विमर्श के बीच महासंघ के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी ओर ज्यादा हो गई है।आज हम बच्चों को देश की संस्कृति और राष्ट्र प्रेम के भाव से जोड़कर आने वाली पीढ़ी को संस्कारित बना सकते हैं ।

इस अवसर पर संगठन के क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा,पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बजरंग लाल मज़ैजी,प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़,प्रदेश सचिव माध्यमिक शिक्षा योगेश कुमार शर्मा,संभाग संयुक्त मंत्री रमेश चंद्र पुरोहित,संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, जिला संगठन मंत्री महिला मधु जैन,जिला कार्यकारिणी के सभाध्यक्ष तेजपाल सिंह शक्तावत, उपसभाध्यक्ष उदय लाल अहीर,जिला उपाध्यक्ष हमीर सिंह राजपूत,राजी कुमावत,नाथु लाल डांगी,बीरबल सिंह,शंकर लाल भांभी,शिक्षक कल्याण सेवा समिति के उपाध्यक्ष महेश चंद्र नुवाल, संगठन के जिला सचिव भंवर सिंह गौड़,नरपत सिंह चौहान,अतिरिक्त जिला मंत्री राजेंद्र कुमार गगरानी,महिला मंत्री दीपिका झाला,कोषाध्यक्ष सागर मल पटवा,सदस्य विकास कुमार आचार्य,आशीष कुमार गुप्ता, चावंड सिंह चुंडावत सहित सभी खंड कार्यकारिणी सदस्य और शिक्षक उपस्थित रहे।

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